आजकल की भागती हुई लाइफ मे हाइ बीपी, लो बीपी और हार्ट संबंधी बीमारिया आम बात है। टेंशन, ऑफिस का प्रैशर, गलत खान पान, नींद पूरी न होना आदि सब कारण इन बीमारियो की जड़ है। आयुर्वेद मे बहुत सी ऐसी जड़ीबूटिया है जो इन बीमारियो को कम कर सकती है या जड़ से खत्म कर सकती है। पर हम इस भागती हुई लाइफ मे एलोपैथी इलाज पर निर्भर होते जा रहे है। एलोपैथी इलाज बुरा नहीं है पर यह बीमारियो को जड़ से खत्म नहीं करता है और हमारी ज़िंदिगी इन्ही दवाइयो पर निर्भर हो जाती है। आयुर्वेद बीमारी को जड़ से खत्म करता है और साथ ही शरीर को ताकत प्रदान करता है। तो चलिये हम आयुर्वेद के कुछ घरेलू नुस्खो के बारे मे जानते है।

हाइ ब्लड प्रैशर (उच्च रक्तचाप)

1: सर्पगंधा, अवांला, गिलोय, अर्जुन छाल, पुनरवा और अश्वगंधा सभी को बराबर मात्र मे लेकर मिक्सर मे पीस ले। दिन मे दो बार एक एक चम्मच पानी के साथ ले। ऐसा करने से उच्च रक्तचाप (हाइ ब्लड प्रैशर) नॉर्मल हो जाता है।
2: तरबूज खाने से भी हाई बीपी मे आराम मिलता है। लीची का उपयोग भी लाभदायक होता है।
3: 25 ग्राम शहतूत का शर्बत दिन मे दो बार पीने से हार्ट को ताकत मिलती है। गाजर का मुरब्बा भी लाभदायक है।
4: सर्पगंधा को पीस कर दिन मे दो बार 2-2 ग्राम खाने से हाइ ब्लड प्रैशर (उच्च रक्तचाप) मे आराम मिलता है।
5: गेंहू की बासी रोटी को दूध मे भिगोकर खाने से हाइ ब्लड प्रैशर नॉर्मल होने लगता है।
6: एक ग्राम सूखा धनिया, एक ग्राम सर्पगंधा, 2 ग्राम मिश्री मे पीस कर एक बोतल मे रखे। दिन मे दो बार ताजा पानी के साथ लेने से हाइ ब्लड प्रैशर कम होने लगता है।

लो ब्लड प्रैशर (निम्न रक्तचाप)

1: 150 ml पानी मे 32 किशमिश भिगो दे। 12 घंटे बाद प्रातः एक-एक किशमिश को आधा मिनट तक खूब चबा- चबाकर खाये। लो ब्लड प्रैशर (निम्न रक्तचाप) मे इससे काफी लाभ मिलेगा।
2: गाजर के रस मे शहद मिलकर पीने से लो ब्लड प्रैशर दूर होता है।

हार्ट वीकनेस (दुर्बलता)

1: सेब के मुरब्बे का सेवन करने से हार्ट वीकनेस दूर होती है।
2: वायविडंग, काली मिर्च, मेनासिल, सेंधा नमक और भुनी हींग सब 10-10 ग्राम लेकर पीस ले और छान ले। आधा ग्राम प्रतिदिन प्रातः शहद मे मिलाकर खाने से हार्ट बीट नॉर्मल होती है और शक्ति मिलती है।
3: अगर का पाउडर शहद मे मिलाकर खाने से हार्ट की शक्ति बढ़ती है।
4: अलसी के पत्ते और सूखा धनिया का काढ़ा बनाकर पीने से हार्ट की दुर्बलता दूर होती है।

ह्रदय की धड़कन

1: अनार के पत्ते को 250 ml पानी मे घोटकर छान ले। इस रस का सेवन सुबह – शाम करने से ह्रदय की धड़कन नॉर्मल होती है।
2: गुलकंद का सेवन और गाजर का मुरब्बा भी लाभदायक है।
3: 10 ग्राम रेहा के बीज को मिट्टी के बर्तन मे आधा लिटर पानी मे भिगो दे। सुबह बीज को मसलकर छान ले और थोड़ी से मिश्री मिलकर खाये। एक हफ्ते मे ह्रदय की दुर्बलता और धड़कन ठीक हो जाएगी।
4: रात को गाजर भूनकर छील ले और खुले मे रख दे। सुबह इसमे चीनी और गुलाबजल मिलकर खाने से ह्रदय की धड़कन मे लाभ मिलेगा।
5: सूखा आवला और मिश्री (50-50 ग्राम) मिलकर पीस ले। 16 ग्राम इस मिश्रण को पानी के साथ एक ही बार मे ले। कुछ ही दिनो मई ह्रदय की धड़कन और विकार नॉर्मल हो जाएगी।

ह्रदय की पीड़ा, जलन और घबराहट

1: गेहु का सत्त और अर्जुन की छाल का पाउडर बराबर ले और भून ले। इस मिश्रण मे 1/3 शहद मिला ले। इसकी 6- 10 ग्राम की मात्रा का सेवन प्रतिदिन करने से सभी प्रकार के ह्रदय रोग दूर होते है।
2: 6 ग्राम मेथी दना लेकर उसका क्वाथ बना ले। इसमे शहद मिलाकर खाने से ह्रदय की पीड़ा, जलन और घबराहट दूर होती है।
3: 10 ग्राम अर्जुन की छाल, 10 ग्राम गुड और 50 एमएल दूध ले। अर्जुन की छाल के पाउडर को दूध मे पकाए और गुड मिलाकर पिये। इससे ह्रदय के समस्त रोग- विकार दूर होते है।
4: अश्वगंधा और बहेड़ा के पाउडर को गुड मे मिलाकर गोलिया बना ले। सुबह- शाम 2-2 गोली गरम पानी के साथ खाने से ह्रदय की पीड़ा से छुटकारा मिलता है।

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