दाद क्या है

इस रोग मे छोटे-छोटे लाल आभायुक्त दाने निकाल आते है। इनमे काफी जलन और खुजली होती है। यह रोग आमतौर अपर गाल, कमर, छाती, पीठ, सिर और नाखूनो मे होता है। द हमेशा चक्र के रूप मे होता है और फैलता है। इस रोग की एक विशेषता है की इसमे त्वचा पर खुजली के साथ-साथ चक्र से पद जाते है तथा उनके किनारे अनियमित होते है। इसलिए इसे दाद कहते है।

दाद होने के कारण
इस रोग का अहम कारण फंगस है। यह एक संक्रमित रोग है। रोगी के संपर्क मे आने से ही हो जाता है। या उसके संक्रमित कपड़े, कंघी, बिस्तर आदि इस्तेमाल करने से भी यह रोग फैलता है।

एक्ज़िमा क्या है।
एक्ज़िमा एक त्वचा रोग है जो दो प्रकार का होता है। पहला गीला और दूसरा सूखा। यह एक कठिन रोग है जो आसानी से ठीक नहीं होता है और वर्षो तक बना रहता है।

इन दोनों ही रोग के आयुर्वेदिक कुछ घरेलू उपाय है जिनको अपनाने से इन रोगो से निजात पा सकते है। आयुर्वेदिक उपायो से यह रोग ठीक करने से यह वापस नहीं आता है। क्युकि आयुर्वेद रोगो को जड़ से खतम करता है। तो आज हम इनहि उपायो के बारे मे जानते है।

दाद दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय

• सबसे कारगार और आसान उपाय- सुबह उठकर सबसे पहले अपने मुंह का बासी थूक हाथ पर ले और दाब पर मल ले। इससे दाद दो दिन
मे ठीक हो जाएगा। यह आजमाई हुई तथा मुफ्त की दावा है और बहुत की सफल है।

• 1 ग्राम कपूर, 1 ग्राम गंधक को थोड़े से मिट्टी के तेल मे मिला कर बारीक पीस ले और मलहम जैसा बना ले। इसे सुबह शाम दाद को
खुरचकर लगाने से लाभ होता है।

• शरीर के जिस भाग पर दाद हो, वहाँ बड़ी हरड़ को सिरके मे घिस कर लगाए, तुरंत लाभ मिलेगा।

• यदि आप दाद के साथ खुजली से भी परेशान है तो काले चने को पानी मे पीसकर उसमे शहद मिलकर दाद पर लेप करे। कुछ ही दिनो मे
दाद साफ हो जाएगा और खुजली भी दूर होगी।

• तुलसी के पत्ते को पीसकर दाद वाली जगह पर लगाने से भी दाद दूर होता है।

• यदि दाद पुराना हो जाए और किसी भी दावा से ठीक न हो तो दाद को कपड़े से रगड़कर आक का दूध लगाए। इससे जलन तो होगी पर
दाद हमेशा के लिए गायब हो जाएगा।

एक्ज़िमा दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय

• काली मिर्च, नौसादर, गंधक 10-10 ग्राम और दस नींबू इन तीन चीज़ों को अलग अलग पीस कर मिला ले और फिर इस मिश्रण को अच्छा
महीन पीस ले। अब इसमे नींबू का रस डालते हुए इसे मलहम की तरह बना ले। नींबू के बीज न आने दे। नींबू का रस इतना ही मिलाये की ये
एक मलहम की तरह बन जाए। यह मलहम एक माह तक उपयोगी रहता है। 4-5 दिन मे यदि मलहम सूखने लगे तो 1-2 बूंद नींबू की मिला
ले। एक माह के प्रयोग से गीला व सूखा दोनों ही प्रकार के एक्ज़िमा ठीक हो जाएंगे।

• किसी लोह के कड़ाई मे एक पाव सारसो का तेल डालकर आँच पर रख दे। जब तेल खूब गरम हो जाए तो इसमे 50 ग्राम नीम की कोमल
कोपल दाल दे। कोपलों के काला पड़ते ही कड़ाही को तुरंत आँच से नीचे उतार ले। ठंडा कर बोतल मे भर ले। इसे दिन मे 3-4 बार एक्ज़िमा
पर लगाए। कुछ ही दिनो मे एक्ज़िमा नष्ट हो जाएगा।

• 10 काली मिर्च का चूर्ण गाय का घी 10 ग्राम दोनों को साथ मे लेने से सभी प्रकार की खुजली, चर्म रोग ठीक होते है।

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